Tuesday, September 22, 2009

अजयजी की गठरी का ब्लॉग जगत में स्वागत करें !

अजयजी हमारे मित्र है उन्होंने भी गठरी नाम से अपने ब्लॉग की शुरूआत की है,आप भी उनका हौसला बढ़ाएं, उम्मीद है उनकी गठरी से  ब्लॉग जगत लाभान्वित होगा।

1 comment:

Udan Tashtari said...

आपका आदेश सर आखों पर, सर जी.

तुम बिल्कुल हम जैसे निकले - फ़हमिदा रियाज़

तुम बिल्कुल हम जैसे निकले अब तक कहां छुपे थे भाई? वह मूरखता, वह घामड़पन जिसमें हमने सदी गंवाई आखिर पहुंची द्वार तुम्हारे अरे बधाई, बहुत ब...